भारत माता
भारत माता वंदना
वंदन वंदन है अभिनंदन युगे युगे महाभारती
श्रद्धा स्नेह अति प्रेम वश समस्त जन करते आरती
रूप सुशोभित अद्वितीय अखंड वर्णित तेरी गाथा
यशस्वी अद्भुत महाकीर्ति हे भारतवर्ष भाग्य विधाता
शीश पर तेरे हिम का ताज है चरणों में रत्नाकर
नित करें देवगन वंदना तुम्हारी अमर महिमा गाकर
हिमालय के महा रूप में सर्वश्रेष्ठ सुशोभित नाम
अरावली विंध्य मल्य नील महेंद्र शक्तिमान
नदियों के पवित्र धारा वेग में बना धर्म का सूत्र
गंगा यमुना कृष्णा कावेरी गोदावरी ब्रह्मपुत्र
विपिन का विस्तृत आच्छादित सुगंध तृण फल फूल समीर
सदा सुदृढ़ अखंडित हिंदूकुश से हिंद सागर तक प्राचीर
जननी जन्मभूमि वीरों की मानवता कल्याणकारी
जन्में ययाति मनु भृगु रघु राम कृष्ण बुद्ध अवतारी
वेद उपनिषद ब्राह्मण ग्रंथों की सदा कलम सुशोभित
विश्व गुरु की महिमा थाती अंशु स्म वीर वसुंधरा विजित
तेरे पावन चरणों में हम विनय दीप जलाते हैं
हे वसुधा भारती हम तेरी मधुर वंदना गातें हैं
हिंदी जुड़वाँ वचन हृदय से लहरे सदा विजय पताका
तेरे कमल चरणों में हम शीश झुकाते भारत माता
कवि परिचय-
हेतराम भार्गव & हरिराम भार्गव
9829960782
9829960882
हेतराम भार्गव
शिक्षा - MA हिन्दी, B. ED., NET 8 बार
हरिराम भार्गव
शिक्षा - MA हिन्दी, B. ED., NET 8 बार JRF सहित
माता-पिता - श्रीमती गौरां देवी, श्री कालूराम भार्गव
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अक़्सर - (यूजीसी लिस्टेड शोध पत्रिका) आजीवन सदस्यता I
अन्य भाषा, गवेषणा, इन्द्रप्रस्थ भारती, मधुमती का नियमित पठन I
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