जय श्री राम - राम नवमी पर हिन्दी जुड़वाँ की कविताएं

 



 जय श्री राम

अद्भुत अखंड ईश्वर रघुराई 

जिसकी कैसे करूं बड़ा

जन्म भूमि जिनकी अयोध्या

जिसके गुरु माता पिता आधार

जो स्वयं हरि लीला के प्रमाण

कण-कण बसते मेरे राम ।। 1

 

                                                                   गुरुवर के परम आज्ञाकारी

श्री हरि विष्णु के अवतारी

जिन्होंने शिव धनुष को तोड़ा

जिन्होंने वचन माना शासन छोड़ा

कौन भला जग में उनसे अनजान

कण-कण बसते मेरे राम ।। 2

 

                                दैत्यों को संहार, जन का भय मिटाया

गिद्ध निषाद शबरी को गले लगाया

सुग्रीव का संशय मिटाकर

सम्मान दिया पास बिठाकर

भावविभोर हो गले मिले हनुमान

कण-कण बसते मेरे राम ।। 3

 

हेतराम भार्गव "हिन्दी जुड़वाँ"

हिन्दी शिक्षक, राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय करसान, शिक्षा विभाग केन्द्र शासित प्रदेश, चंडीगढ़

9829960882

hindijudwaan@gmail.com

                           माता-पिता - श्रीमती गौरां देवी, श्री कालूराम भार्गव

         हिन्दी भवन, शहर-रावतसर, जिला - हनुमानगढ, राजस्थान 335524

प्रकाशित रचनाएं -

जलियांवाला बाग दीर्घ कविता (लेखक द्वय हिन्दी जुड़वाँ - खंड काव्य )

मैं हिन्दी हूँ - राष्ट्रभाषा को समर्पित महाकाव्य (लेखक द्वय हिन्दी जुड़वाँ - महाकाव्य )

कविता संग्रह शीघ्र प्रकाश्य -

वीर पंजाब की धरती (लेखक द्वय हिन्दी जुड़वाँ  - महाकाव्य )

                    तुम क्यों मौन हो - (लेखक द्वय हिन्दी जुड़वाँ  - खंड काव्य ) 

उद्देश्य- हिंदी को प्रशासनिक कार्यालयों में लोकप्रिय व प्राथमिक संचार की भाषा बनाना।

साहित्य सम्मान -

स्वास्तिक सम्मान 2019 - कायाकल्प साहित्य फाउंडेशन नोएडा, उत्तर प्रदेश

साहित्य श्री सम्मान 2020- साहित्यिक सांस्कृतिक शोध संस्थान, मुंबई महाराष्ट्र

ज्ञानोदय प्रतिभा सम्मान 2020- ज्ञानोदय साहित्य संस्था कर्नाटक

सृजन श्री सम्मान 2020 - सृजनांश प्रकाशन, दुमका झारखंड

कलम कला साहित्य शिरोमणि सम्मान 2020 - बृज लोक साहित्य कला संस्कृति का अकादमी आगरा

 

 

 श्री राम

 रची स्वयं श्री ब्रह्मा जी ने पूरी अयोध्या धाम

जहां जन्मे मेरे रामजहां जन्मे मेरे राम

अल्पवय में गुरुकुल जाकर विद्या को पाया

रघुवंश यश कीर्ति का यशस्वी मान बढ़ाया

गुरु वशिष्ठ के गुरुकुल जाकर यज्ञ पूरा करवाकर।

वध ताड़का करके,भंग किया धनुष जनकपुर जाकर

सफल हुआ स्वयंवर, हुए सीता के राम

पिता की आज्ञा पाकर वन में प्रस्थान किया

केवट को मौल चुका प्रभु ने सम्मान किया

गले निषाद को लगा कर, दैत्य अनेक संहारे

बैठे शरण में माता शबरी के पुत्र बनकर प्यारे

करुणा निदान प्रजा पालक जन जन के प्राण

माता सीता हरण पर प्रभु मानव बन कर रोए

आपकी लीला को देख सब देवगण मंत्रमुग्ध होए

उत्सुक होकर मिले कानन पथ में पवन कुमार

बाली को मारकर किया सुग्रीम पर उपकार

किष्किंधा नगरी का सिंहासन देकर किया सम्मान

रावण को संहार कर प्रभु विभीषण को मुकुट पहनाकर

कोई नहीं हुआ जग में दानी जो कर सका ऐसा दान

वह पूरी अयोध्या धाम जहां जन्में मेरे राम

हरिराम भार्गव "हिन्दी जुड़वाँ"

हिन्दी शिक्षक, सर्वोदय बाल विद्यालय पूठकलां, शिक्षा निदेशालय राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली

9829960782

 hindijudwaan@gmail.com

                                                                माता-पिता - श्रीमती गौरां देवी, श्री कालूराम भार्गव

         हिन्दी भवन, शहर-रावतसर, जिला - हनुमानगढ, राजस्थान 335524

प्रकाशित रचनाएं -

जलियांवाला बाग दीर्घ कविता (लेखक द्वय हिन्दी जुड़वाँ - खंड काव्य )

मैं हिन्दी हूँ - राष्ट्रभाषा को समर्पित महाकाव्य (लेखक द्वय हिन्दी जुड़वाँ - महाकाव्य )

कविता संग्रह शीघ्र प्रकाश्य -

वीर पंजाब की धरती (लेखक द्वय हिन्दी जुड़वाँ  - महाकाव्य )

                    तुम क्यों मौन हो - (लेखक द्वय हिन्दी जुड़वाँ  - खंड काव्य ) 

उद्देश्य- हिंदी को प्रशासनिक कार्यालयों में लोकप्रिय व प्राथमिक संचार की भाषा बनाना।

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स्वास्तिक सम्मान 2019 - कायाकल्प साहित्य फाउंडेशन नोएडा, उत्तर प्रदेश

साहित्य श्री सम्मान 2020- साहित्यिक सांस्कृतिक शोध संस्थान, मुंबई महाराष्ट्र

ज्ञानोदय प्रतिभा सम्मान 2020- ज्ञानोदय साहित्य संस्था कर्नाटक

सृजन श्री सम्मान 2020 - सृजनांश प्रकाशन, दुमका झारखंड

कलम कला साहित्य शिरोमणि सम्मान 2020 - बृज लोक साहित्य कला संस्कृति का अकादमी आगरा

 

 

 

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